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मौलाना अब्दुर रहमान आबिद : शरिया संविधान से ऊपर, संविधान शरिया के सामने कुछ नहीं

मौलाना अब्दुर रहमान आबिद
मौलाना अब्दुर रहमान आबिद

मौलाना अब्दुर रहमान आबिद : दैनिक भारत ने आज सुबह ही ये खबर सामने रखी थी की देश के कट्टरपंथी अब देश के संविधान को चुनौती देने पर अमादा हो गए है, और अब ये शरिया अदालत लगाने का ऐलान कर रहे है

आज इसके बाद इसी मुद्दे पर एक निजी न्यूज़ चैनल पर डिबेट हो रही थी, इस डिबेट में इस्लामिक मजहब गुरु मौलाना अब्दुर रहमान आबिद भी बैठे हुए थे

इस डिबेट में मौलाना ने शरिया अदालत का समर्थन किया और जो इसके विरोध कर रहे है उन्हें सांप्रदायिक बताया, साथ ही जब एंकर ने मौलाना से पुछा की आप बताइए की संविधान बड़ा है या शरिया

तो मौलाना अब्दुर रहमान आबिद ने भड़कते हुए पहले कहा की संविधान को शरिया से बड़ा बताना पागलपन है, शरिया संविधान से बड़ा है, और संविधान को उसके बराबर भी बताना पागलपन है

मौलाना ने साफ़ कर दिया की ये लोग संविधान को कितना मानते है, इन्होने साफ़ कर दिया की इनके लिए संविधान नहीं बल्कि शरिया बड़ा है, देश नहीं बल्कि मजहब बड़ा है, और मजहब के लिए ये देश के साथ किसी भी प्रकार का धोखा कर सकते है, क्यूंकि मजहब और शरिया देश और संविधान से ऊपर है

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