Press "Enter" to skip to content

महान थे हमारे पूर्वज : पर हम महान नहीं, हम धर्म से भी भटक गए है और कर्म से भी

महान थे हमारे पूर्वज
महान थे हमारे पूर्वज

महान थे हमारे पूर्वज जिनकी हम संतान हैं, हम आज भी हिन्दू है, हम सिख है, हम जैन है तो हमारे महान पूर्वजों के ही कारण, वरना हम भी अब्दुल हो गए होते, जैसे करोडो आज है

महान थे हमारे पूर्वज : हमारे पूर्वजों ने धर्म की रक्षा किस प्रकार की, वामपंथी और सेक्युलर नहीं चाहते की ये हम जाने, हमारे महान पूर्वजों को इतिहास से भी गायब किया गया, ये सेकुलरों और वामपंथियों की चाल थी, ताकि हम अपने पूर्वजों के बारे में जाने ही न

आज हम अपने धर्म के प्रति बिलकुल सजग नहीं है, और न ही हम अपने धार्मिक कर्तव्य को निभाते है, हमे तो सेक्युलर पंगु बना दिया गया है, और इसी कारण लगातार हमारे धर्म का अपमान किया जाता है, हमारा धर्म कम और कम होता जा रहा है क्यूंकि हम अपने धर्म के प्रति बिलकुल भी कर्ताव्यनिष्ट नहीं है

पर हमारे पूर्वज ऐसे नहीं थे, आज हम आपको बाबा बंदा सिंह बहादुर के बारे में बताने जा रहे है, जिनका नाम आपने सुना होगा, बाबा बंदा सिंह बहादुर एक योद्धा थे, जिन्होंने आखिरी सांस तक धर्म की रक्षा की, और अपने प्राणों का बलिदान दे दिया

बंदा सिंह बहादुर ने भारत के कई इलाकों को इस्लामिक हमलावरों से मुक्त किया, उन्होंने नारियों की रक्षा की, उन्होंने गाय की रक्षा की और भारत की भूमि के कई इलाकों को इस्लामिक आतंकवादियों से आजाद करवाया

बाबा बंदा सिंह बहादुर युद्ध लड़ते लड़ते इस्लामिक आतंकवादियों के हाथों बंधी बना लिए गए, और साथ ही उनके बेटे अजय सिंह को भी बंदी बना लिया गया

 

 


महान थे हमारे पूर्वज : बंदा सिंह बहादुर को इस्लाम अपनाने के लिए कहा गया, और ऐसा न करने की सूरत में मार डालने की धमकी दी गयी, पर बाबा बंदा सिंह बहादुर ने इस्लाम को अपनाने से इंकार कर दिया

फिर वो इस्लाम अपना ले इसके लिए उनपर अत्याचार शुरू किये गए, उनके बेटे अजय सिंह जिसकी उम्र काफी कम थी उसे चाकुओं से काट दिया गया, और उसका कलेजा चीरकर निकाल दिया गया, दिल धड़क रहा था, और धड़कते हुए दिल को बाबा बंदा सिंह बहादुर के मुह में ठूसा गया

इसके बाबजूद उन्होंने इस्लाम को नहीं अपनाया, फिर उनके पैर, उनकी आँख और शरीर के 1-1 अंग को काटा जाने लगा, पर उन्होंने इस्लाम को नहीं अपनाया, जबतक वो जिन्दा रहे तब तक इस्लामिक आतंकवादी और इस्लाम के सामने वो नहीं झुके

हम लोग ऐसे पूर्वजों की संतानें है, हमारे पूर्वज कितने महान और धर्मनिष्ट थे, और वो ऐसे थे इसी कारण हम आज हिन्दू सिख जैन है, अगर हमारे पूर्वज धर्मनिष्ट न होते तो आज हम अब्दुल होते, और भारत तो शब्द भी नहीं होता

महान थे हमारे पूर्वज पर हम बिलकुल भी महान नहीं है, क्यूंकि हमारे समाज की युवतियां तो लव जिहाद में आसानी से फंसकर धर्म छोड़ देती है, हमारे युवक सेक्युलर और वामपंथी बन जाते है, हमारे पूर्वजों ने धर्म को कितना मान सम्मान दिया, प्राण दे दिए धर्म के लिए पर हम अपने पूर्वजों के 1% के भी बराबर नहीं है

और ये ही कारण बनेगा हमारे पतन का, और न सिर्फ हमारे पतन का बल्कि हमारे महान देश का भी पतन होगा, आज तो हम अपने पूर्वजों को याद कर रहे है, पर आने वाले समय में हमे याद करने वाला कोई नहीं होगा, क्यूंकि हमारे महान धर्मनिष्ट पूर्वजों के कारण हम आज भी अब्दुल नहीं हुए, पर आज हम धर्मनिष्ट नहीं है, और आने वाली पीढ़ी का क्या होगा इसका अंदाजा आप लगा सकते है, हमे अपने में बदलाव करना होगा, और अपने पूर्वजों जैसा ही धर्मनिष्ट होना होगा, धर्म का सम्मान करना होगा ताकि हमारी संस्कृति और हमारा देश अमर बना रहे

More from इतिहासMore posts in इतिहास »