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जहाँ जहाँ मुस्लिम अधिक वहां वहां अधिक नफरत, अधिक हिंसा : इमाम तव्हिदी

जहाँ मुस्लिम अधिक वहीँ अधिक नफरत : इमाम तव्हिदी
जहाँ मुस्लिम अधिक वहीँ अधिक नफरत : इमाम तव्हिदी

इस्लामिक मजहब गुरु मोहम्मद तव्हिदी जिन्हें आमतौर पर इमाम तव्हिदी के नाम से जाना जाता है, उन्होंने फिर एक बार इस्लामिक चरमपंथियों सेकुलरों और वामपंथियों पर प्रहार किया है

इमाम तव्हिदी का कहना है की मुसलमानों को भाईचारा और शांतिप्रिय समाज कहना एक बहुत बड़ा मजाक है, क्यूंकि जहाँ मुसलमान अधिक होते है वहीँ सबसे ज्यादा नफरत और हिंसा होती है, इमाम तव्हिदी ने अपनी बात को कहते हुए तर्क और उदाहरण भी दिए, देखिये उनका त्वीट

 


इमाम ने बताया की सबसे ज्यादा नफरत और हिंसा तो वहीँ होती है जहाँ पर मुस्लिम ज्यादा होते है, जैसे अरब के देश, मुस्लिम देश, इमाम ने कहा की लेबनान के लोग सीरिया को पसंद नहीं करते (दोनों ही मुस्लिम देश है)

सीरिया वाले जॉर्डन को पसंद नहीं करते, ये दोनों भी मुस्लिम देश है. जॉर्डन वाले इजिप्ट को पसंद नहीं करते, ये दोनों भी पूर्ण मुस्लिम देश है, ईरान वाले तो किसी भी अरब के देश को पसंद नहीं करते, ईरान और अरब के देश मुस्लिम देश ही है, और इराक वाले तो किसी भी मुस्लिम देश को पसंद नहीं करते

इसके अलावा सऊदी वाले यमन पर ही बम फोड़ते है, पाकिस्तान और अफगानिस्तान भी मुस्लिम देश है वहां आप शांति और भाईचारे का पता कर लें, पाकिस्तान में सुन्नी शिया मस्जिदों को उड़ाते है, सोमालिया इत्यादि में शांति और भाईचारा कितना है ये भी पता किया सकता है, और ईरान जो की शिया देश है, और सऊदी जो की सुन्नी देश है, इन दोनों में शांति और कितना भाईचारा है ये भी किसी से छिपी बात नहीं है

पिछले 10 साल में ही इन मुस्लिम देशों में 25 लाख के आसपास मुस्लिमो को मार दिया गया है, और मुस्लिम-मुस्लिम हिंसा में ही इनकी मौत हुई है, ISIS ने सीरिया और इराक में खुद लाखों शिया मुसलमानों की हत्या की है