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महाराजा रंजीत सिंह : सच्चे सिख और भगवा योद्धा, खालिस्तानियों सुधर जाओ

महाराजा रंजीत सिंह
महाराजा रंजीत सिंह

अफगानिस्तान में सिखों के साथ जो हुआ है, और पाकिस्तान में, इसे देखकर भी खालिस्तानी तत्व सुधर नहीं रहे, असल में ये खालिस्तानी तत्व सिख नहीं बल्कि इस्लामिक जिहादी ही है, जो सिखों के भेष में घूमते है, और सिखों को मुर्ख बनाते है, ये लोग महाराजा रंजीत सिंह को भी सेक्युलर बताते है

आज हम महाराजा रंजीत सिंह के बारे में आपको कुछ तथ्य बताने वाले है, उनके राज में क्या होता था, इसे ठीक से समझना जरुरी है, रंजीत सिंह सिख समाज में सबसे बड़े राजा रहे, और लाहौर उनकी राजधानी थी

आज के खालिस्तानी कहते है की वो पंजाब को खालिस्तान बनायेंगे, पर इन खालिस्तानियों को शायद ये नहीं पता की बिना महाराजा रंजीत सिंह की राजधानी लाहौर थी, पर पाकिस्तान से लाहौर लेने की मांग कोई खालिस्तानी नहीं करता

  • महाराजा रंजीत सिंह के राज में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध था, गौहत्या एक गंभीर अपराध था, और गौहत्या पर सीधे सर को काटकर मौत की सजा दी जाती थी, गौहत्या अर्थात गौहत्यारे और गौमांस खाने वाले की शर्तिया मौत
  • जैसे दिल्ली में जामा मस्जिद है, लाहौर में भी एक बड़ी मस्जिद है जिसे बादशाही मस्जिद कहते है, इसे मुगलों ने बनाया था, रंजीत सिंह के राज में इस मस्जिद को घोड़ों का अस्तबल बनाया गया था, इसमें घोड़ो को रखा जाता था, ये आलतू फ़ालतू चीजो के लिए स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल किया जाता था
  • रणजीत सिंह के राज में कश्मीर में कई मस्जिदों को तोपों के गोले से उड़ाया गया था, रणजीत सिंह के सैनिको ने मस्जिदों को कश्मीर में जमीन में मिलाया था
  • रंजीत सिंह के ध्वज पर भगवान् हनुमान, काल भैरव और माता दुर्गा विराजमान थी, नीचे आप देख सकते है रंजीत सिंह का ध्वज
महाराजा रंजीत सिंह का ध्वज
महाराजा रंजीत सिंह का ध्वज
  • रंजीत सिंह ने काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए सोने का दान किया था, ताकि मंदिर पर सोने की कोटिंग की जा सके, आज भी वो कोटिंग काशी विश्वनाथ मंदिर पर स्तिथ है

ये थे महाराजा रंजीत सिंह, वो सिखों की शान है, सच्चे सिख और भगवा योद्धा, जिन्होंने मुगलों को कुचला और भगवा ध्वज लाहौर पर लहराया, महाराजा रंजीत सिंह को सेक्युलर कहना उनका सबसे बड़ा अपमान है, वो एक सच्चे शेर सच्चे सिख, सच्चे धार्मिक और भगवा योद्धा थे